sabhi kuchh haath ho ke dar-badar hai | सभी कुछ हाथ हो के दर-बदर है

  - Subodh Sharma "Subh"
सभीकुछहाथहोकेदर-बदरहै
तेरेता'वीज़कायेसबअसरहै
हसींसीरतपेयेबेचैनआँखें
चटकतीधूपसहरामेंशजरहै
बनेअर्जुनयहाँकितनेहैंबैठे
कहाँपरयेकहाँइनकीनज़रहै
नहींरोनाकिसीदुखपरमुझे'शुभ'
जोहोनाहैवहीहोनाअगरहै
  - Subodh Sharma "Subh"
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