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Ravi 'VEER'
rone se gar dil ke gham mit jaate to
rone se gar dil ke gham mit jaate to | रोने से गर दिल के ग़म मिट जाते तो
- Ravi 'VEER'
रोने
से
गर
दिल
के
ग़म
मिट
जाते
तो
आँसू
से
ही
इश्क़
ग़ज़ब
का
करता
मैं
- Ravi 'VEER'
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बिठा
दिया
है
सिपाही
के
दिल
में
डर
उसने
तलाशी
दी
है
दुपट्टा
उतार
कर
उसने
मैं
इसलिए
भी
उसे
ख़ुद-कुशी
से
रोकता
हूँ
लिखा
हुआ
है
मेरा
नाम
जिस्म
पर
उसने
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Zia Mazkoor
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सारे
आँसू
तुझ
पर
ज़ाया'
क्यूँँ
कर
दें
हमनें
तेरे
बाद
भी
दिलबर
करने
हैं
Shikha Pachouly
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मेरे
आँसू
नहीं
थम
रहे
कि
वो
मुझ
सेे
जुदा
हो
गया
और
तुम
कह
रहे
हो
कि
छोड़ो
अब
ऐसा
भी
क्या
हो
गया
मय-कदों
में
मेरी
लाइनें
पढ़ते
फिरते
हैं
लोग
मैंने
जो
कुछ
भी
पी
कर
कहा
फ़लसफ़ा
हो
गया
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Tehzeeb Hafi
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ख़ुद-कुशी
करने
से
बेहतर
ज़िंदगी
के
खेल
में
फीस
पूरी
दीजिए
पूरा
तमाशा
देखिए
Vijay Anand Mahir
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उन
के
रुख़्सार
पे
ढलके
हुए
आँसू
तौबा
मैंने
शबनम
को
भी
शोलों
पे
मचलते
देखा
Sahir Ludhianvi
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उदासी
का
सबब
उस
सेे
जो
हम
तब
पूछ
लेते
वजह
फिर
पूछनी
पड़ती
न
शायद
ख़ुद-कुशी
की
Dipendra Singh 'Raaz'
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कबूतर
इश्क़
का
उतरे
तो
कैसे?
तुम्हारी
छत
पे
निगरानी
बहुत
है
इरादा
कर
लिया
गर
ख़ुद-कुशी
का
तो
ख़ुद
की
आँख
का
पानी
बहुत
है
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Kumar Vishwas
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दुख
तो
बहुत
मिले
हैं
मोहब्बत
नहीं
मिली
यानी
कि
जिस्म
मिल
गया
औरत
नहीं
मिली
मुझको
पिता
की
आँख
के
आँसू
तो
मिल
गए
मुझको
पिता
से
ज़ब्त
की
आदत
नहीं
मिली
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Abhishar Geeta Shukla
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आँसू
पोंछ
के
हँस
देता
है
आग
में
आग
लगाने
वाला
Arzoo Lakhnavi
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ये
आग
वाग
का
दरिया
तो
खेल
था
हम
को
जो
सच
कहें
तो
बड़ा
इम्तिहान
आँसू
हैं
Abhishek shukla
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नींद
से
आज
फिर
मुहब्बत
जीत
जाएगी
लगता
है,
ये
रात
भी,
ऐसे
ही
बीत
जाएगी
मुफ़लिसी
का
आलम
है
क्या
करे
जनाब
भूख
से
लड़ते
लड़ते
तो
ज़िन्दगी
बीत
जाएगी
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Ravi 'VEER'
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अदू
के
हाथ
में
तो
फूल
देखे
हैं
मगर
ये
क्या
मेरे
अहबाब
के
है
हाथ
में
हथियार
जाने
क्यूँँ
Ravi 'VEER'
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रात
में
छत
पर
अगर
वो
आएगी
चाँद
की
तौहीन
फिर
हो
जाएगी
Ravi 'VEER'
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जो
पल
उसके
संग
गुज़ारे
वो
ही
सब
सेे
बढ़िया
है
उसके
बिन
जीना
तो
जैसे
दुनियादारी
लगती
है
Ravi 'VEER'
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आज
ये
कल
वो
डगर
करते
नहीं
मुफ़लिसी
में
हम
सफ़र
करते
नहीं
उम्र
छोटी
थी
वगरना
यार
हम
इश्क़
तुम
सेे
इस
कदर
करते
नहीं
गर
पता
होता
हमें
अंजाम
तो
हम
नज़र
अपनी
उधर
करते
नहीं
इश्क़
दो
तरफ़ा
रहा
होता
तो
हम
आँख
अपनी
तर-बतर
करते
नहीं
ज़िंदगी
गर
जो
सुनाती
लोरियाँ
मौत
तुझको
हम
ख़बर
करते
नहीं
'वीर'
चाहत
से
अगर
मिलता
कोई
हम
दु'आ
शाम-ओ-सहर
करते
नहीं
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Ravi 'VEER'
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