hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Ravi 'VEER'
adoo ke haath men to phool dekhe hain magar ye kya
adoo ke haath men to phool dekhe hain magar ye kya | अदू के हाथ में तो फूल देखे हैं मगर ये क्या
- Ravi 'VEER'
अदू
के
हाथ
में
तो
फूल
देखे
हैं
मगर
ये
क्या
मेरे
अहबाब
के
है
हाथ
में
हथियार
जाने
क्यूँँ
- Ravi 'VEER'
Download Sher Image
सर्द
रात
है
हवा
भी
सोच
मत
पहन
मुझे
सुब्ह
देख
लेंगे
किस
कलर
की
शाल
लेनी
है
Neeraj Neer
Send
Download Image
36 Likes
पूरी
कायनात
में
एक
क़ातिल
बीमारी
की
हवा
हो
गई
वक़्त
ने
कैसा
सितम
ढाया
कि
दूरियाँ
ही
दवा
हो
गईं
Unknown
Send
Download Image
39 Likes
मुहब्बत
के
समुंदर
की
कलाकारी
ग़ज़ब
की
है
कि
सब
कुछ
डूब
जाता
है
मगर
तर
कुछ
नहीं
होता
Muntazir Firozabadi
Send
Download Image
1 Like
न
रूई
हो
तो
अपने
अश्कों
से
बाती
बनाएँगे
बुझा
दीया
हमारा
तो
हवा
से
लड़
भी
जाएँगे
बनाई
रोज़
चौदह
साल
रंगोली
बस
इस
ख़ातिर
न
जाने
रामजी
वनवास
से
कब
लौट
आएंँगे
Read Full
Krishnakant Kabk
Send
Download Image
26 Likes
पत्थर
दिल
के
आँसू
ऐसे
बहते
हैं
जैसे
इक
पर्वत
से
नदी
निकलती
है
Shobhit Dixit
Send
Download Image
11 Likes
फोन
भी
आया
तो
शिकवे
के
लिए
फूल
भी
भेजा
तो
मुरझाया
हुआ
रास्ते
की
मुश्किलें
तो
जान
लूँ
आता
होगा
उसका
ठुकराया
हुआ
Read Full
Balmohan Pandey
Send
Download Image
78 Likes
सब
दुखों
का
ये
समुंदर
पार
होगा
जब,
सभी
आफ़तों
के
पत्थरों
पर
नाम
होगा
राम
का
Shoonya Shrey
Send
Download Image
1 Like
मेरा
हाथ
पकड़
ले
पागल,
जंगल
है
जितना
भी
रौशन
हो
जंगल,
जंगल
है
Umair Najmi
Send
Download Image
80 Likes
मिरे
सूरज
आ!
मिरे
जिस्म
पे
अपना
साया
कर
बड़ी
तेज़
हवा
है
सर्दी
आज
ग़ज़ब
की
है
Shahryar
Send
Download Image
31 Likes
सभी
रिश्तें
मैं
यूँँ
बचाए
हूँ
जैसे
तड़पते
दियों
को
हवा
देते
रहना
Parul Singh "Noor"
Send
Download Image
20 Likes
Read More
करूँँ
क्या
बात
गैरों
की
यहाँ
यारों
मेरा
साया
ही
मुझको
घेर
लेता
है
जिसे
करता
रहा
मैं
याद
हर
लम्हा
वो
मिलता
है
तो
नज़रे
फेर
लेता
है
Read Full
Ravi 'VEER'
Send
Download Image
9 Likes
कितने
'आशिक़
ढेर
हुए
हैं
आँखों
पर
उतने
जितने
शे'र
हुए
हैं
आँखों
पर
Ravi 'VEER'
Send
Download Image
0 Likes
ख़्वाबों
को
देखने
से
मिला
कुछ
नहीं
मुझे
लेकिन
शब-ए-ज़ुल्मत
से
गिला
कुछ
नहीं
मुझे
Ravi 'VEER'
Send
Download Image
0 Likes
ख़ून
पसीना
दोनों
मिलकर
रोटी
बनके
आते
हैं
तब
जाकर
के
रोज़
हमारी
भूख
कहीं
मिट
पाती
है
Ravi 'VEER'
Send
Download Image
2 Likes
अब
तो
कोई
शाने
पर
ले
जाए
बस
अब
इस
दिल
पर
बोझ
उठाना
मुश्किल
है
Ravi 'VEER'
Send
Download Image
0 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Jalwa Shayari
Zulm Shayari
Teacher Shayari
Tasawwur Shayari
Sardi Shayari