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Manish Yadav
jaise milti hai tu khush hoke sabhi se
jaise milti hai tu khush hoke sabhi se | जैसे मिलती है तु ख़ुश होके सभी से
- Manish Yadav
जैसे
मिलती
है
तु
ख़ुश
होके
सभी
से
मुझ
सेे
ऐसे
ही
मिलाकर
ज़िंदगी
तू
- Manish Yadav
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चार
दिन
झूठी
बाहों
के
आराम
से
मेरी
बिखरी
हुई
ज़िंदगी
ठीक
है
दोस्ती
चाहे
जितनी
बुरी
हो
मगर
प्यार
के
नाम
पर
दुश्मनी
ठीक
है
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SHIV SAFAR
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बद-हवा
सेी
है
बे-ख़याली
है
क्या
ये
हालत
भी
कोई
हालत
है
ज़िंदगी
से
है
जंग
शाम-ओ-सहर
मौत
से
शिकवा
है
शिकायत
है
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Chandan Sharma
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जो
गुज़ारी
न
जा
सकी
हम
से
हम
ने
वो
ज़िन्दगी
गुज़ारी
है
Jaun Elia
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मैं
ने
आबाद
किए
कितने
ही
वीराने
'हफ़ीज़'
ज़िंदगी
मेरी
इक
उजड़ी
हुई
महफ़िल
ही
सही
Hafeez Banarasi
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जुदा
हुए
हैं
बहुत
लोग
एक
तुम
भी
सही
अब
इतनी
बात
पे
क्या
ज़िंदगी
हराम
करें
Nasir Kazmi
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ज़िंदगी
यूँँही
बहुत
कम
है
मोहब्बत
के
लिए
रूठ
कर
वक़्त
गँवाने
की
ज़रूरत
क्या
है
Unknown
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दुख
की
दीमक
अगर
नहीं
लगती
ज़िन्दगी
किस
क़द्र
हसीं
लगती
वस्ल
को
लॉटरी
समझता
हूँ
लॉटरी
रोज़
तो
नहीं
लगती
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Azbar Safeer
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तुम्हारी
मौत
मेरी
ज़िंदगी
से
बेहतर
है
तुम
एक
बार
मरे
मैं
तो
बार
बार
मरा
Zubair Ali Tabish
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ज़िंदगी
तू
ने
मुझे
क़ब्र
से
कम
दी
है
ज़मीं
पाँव
फैलाऊँ
तो
दीवार
में
सर
लगता
है
Bashir Badr
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ज़ख़्म
जो
तुम
ने
दिया
वो
इस
लिए
रक्खा
हरा
ज़िंदगी
में
क्या
बचेगा
ज़ख़्म
भर
जाने
के
बाद
Azm Shakri
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कोई
बेहतर
मिला
है
अब
उसे
मुझ
सेे
नहीं
है
हर्ज़
कोई
मुझको
खोने
में
Manish Yadav
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मिरे
दिल
में
पड़ा
चुपचाप
बच्चा
यकायक
आज
रोना
चाहता
है
Manish Yadav
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नगर
ये
नफ़रतों
का
है
गुज़ारा
हो
नहीं
सकता
न
हो
पाया
किसी
का
वो
हमारा
हो
नहीं
सकता
बचाकर
कुछ
जमापूँजी
बुढ़ापे
के
लिए
रखना
ज़माने
में
यहाँ
कोई
सहारा
हो
नहीं
सकता
तु
ऐसे
मोड़
पे
आकर
मिला
है
मुझको
फिर
से
अब
जहाँ
से
मैं
अभी
तेरा
सहारा
हो
नहीं
सकता
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Manish Yadav
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उदासी
का
सबब
था
और
कुछ
यारो
सबब
सब
तेरा
जाना
ही
समझ
बैठे
Manish Yadav
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है
कुछ
तो
बात
उन
में
ख़ामोश
आजकल
हैं
टूटे
हुए
हैं
या
फिर
मदहोश
आजकल
हैं
सर
कट
रहें
हैं
देखो
मज़हब
के
नाम
पर
अब
हैरत
है
लोग
देखो
बेहोश
आजकल
हैं
है
काम
जिनका
सच
में
सच
को
हमें
बताना
डर
से
निज़ाम
के
वो
ख़ामोश
आजकल
हैं
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Manish Yadav
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