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Manish Yadav
mire dil men pada chupchaap bachcha
mire dil men pada chupchaap bachcha | मिरे दिल में पड़ा चुपचाप बच्चा
- Manish Yadav
मिरे
दिल
में
पड़ा
चुपचाप
बच्चा
यकायक
आज
रोना
चाहता
है
- Manish Yadav
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वो
रातें
चाँद
के
साथ
गईं
वो
बातें
चाँद
के
साथ
गईं
अब
सुख
के
सपने
क्या
देखें
जब
दुख
का
सूरज
सर
पर
हो
Ibn E Insha
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रूमाल
ले
लिया
है
किसी
माह-जबीन
से
कब
तक
पसीना
पोंछते
हम
आस्तीन
से
ये
आँसुओं
के
दाग़
हैं,
आँसू
ही
धोएँगे
ये
दाग़
धुल
न
पाएँगे
वाशिंग
मशीन
से
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Waseem Nadir
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दुख
तो
बहुत
मिले
हैं
मोहब्बत
नहीं
मिली
यानी
कि
जिस्म
मिल
गया
औरत
नहीं
मिली
मुझको
पिता
की
आँख
के
आँसू
तो
मिल
गए
मुझको
पिता
से
ज़ब्त
की
आदत
नहीं
मिली
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Abhishar Geeta Shukla
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अब
उदास
फिरते
हो
सर्दियों
की
शामों
में
इस
तरह
तो
होता
है
इस
तरह
के
कामों
में
Shoaib Bin Aziz
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पहले
ये
काम
बड़े
प्यार
से
माँ
करती
थी
अब
हमें
धूप
जगाती
है
तो
दुख
होता
है
Munawwar Rana
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उम्र
भर
मेरी
उदासी
के
लिए
काफ़ी
है
जो
सबब
मेरी
ख़मोशी
के
लिए
काफ़ी
है
जान
दे
देंगे
अगर
आप
कहेंगे
हम
सेे
जान
देना
ही
मु'आफ़ी
के
लिए
काफ़ी
है
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Aakash Giri
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लम्हे
उदास
उदास
फ़ज़ाएं
घुटी
घुटी
दुनिया
अगर
यही
है
तो
दुनिया
से
बच
के
चल
Shakeel Badayuni
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हम
तो
बचपन
में
भी
अकेले
थे
सिर्फ़
दिल
की
गली
में
खेले
थे
Javed Akhtar
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हम
कुछ
ऐसे
उसके
आगे
अपनी
वफ़ा
रख
देते
हैं
बच्चे
जैसे
रेल
की
पटरी
पर
सिक्का
रख
देते
हैं
तस्वीर-ए-ग़म,
दिल
के
आँसू,
रंजो-नदामत,
तन्हाई
उसको
ख़त
लिखते
हैं
ख़त
में
हम
क्या
क्या
रख
देते
हैं
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Subhan Asad
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ईद
ख़ुशियों
का
दिन
सही
लेकिन
इक
उदासी
भी
साथ
लाती
है
ज़ख़्म
उभरते
हैं
जाने
कब
कब
के
जाने
किस
किस
की
याद
आती
है
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Farhat Ehsaas
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कि
अब
मैं
मुस्कुराना
चाहता
हूॅं
क़ज़ा
के
पास
जाना
चाहता
हूॅं
मिरे
दामन
को
कोई
थाम
ले
अब
मैं
ज़ख़्मों
को
भुलाना
चाहता
हूॅं
बनाया
घर
गया
मुझ
सेे
न
कोई
मैं
सबका
घर
गिराना
चाहता
हूॅं
कि
तुम
सेे
अब
निभा
सकता
नहीं
मैं
ये
बंधन
तोड़
जाना
चाहता
हूॅं
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Manish Yadav
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ख़ता
उसकी
नहीं
मेरे
जो
आँसू
देख
पाया
वो
बताएँ
क्या
तुम्हें
यारो
सितम
तो
बारिशों
का
था
Manish Yadav
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प्यार
क्या
है
ये
हमको
नहीं
थी
ख़बर
एक
अंजान
रिश्ता
निभाने
लगे
Manish Yadav
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तुम्हें
वा'दा
निभाना
था
अजल
तक
साथ
जाना
था
किनारे
आज
बैठे
हैं
हमें
तो
डूब
जाना
था
तुम्हें
समझाऊॅं
कितना
मैं
कहा
कुछ
भी
न
माना
था
ये
तुमने
क्यूँ
बचाया
है
उसे
मुझको
डुबाना
था
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Manish Yadav
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मिरे
दिल
में
पड़ा
चुपचाप
बच्चा
यकायक
आज
रोना
चाहता
है
ये
दुनिया
के
झमेलों
को
यहीं
पर
बशर
हर
छोड़
जाना
चाहता
है
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Manish Yadav
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