hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Divya 'Kumar Sahab'
chun liya kishton men marna tab bahut socha nahin
chun liya kishton men marna tab bahut socha nahin | चुन लिया किश्तों में मरना तब बहुत सोचा नहीं
- Divya 'Kumar Sahab'
चुन
लिया
किश्तों
में
मरना
तब
बहुत
सोचा
नहीं
फ़ैसला
करना
था
मुझको
ख़ुद-कुशी
या
शा'इरी
- Divya 'Kumar Sahab'
Download Sher Image
आज
पैवंद
की
ज़रूरत
है
ये
सज़ा
है
रफ़ू
न
करने
की
Fahmi Badayuni
Send
Download Image
27 Likes
आधी
आधी
रात
तक
सड़कों
के
चक्कर
काटिए
शा'इरी
भी
इक
सज़ा
है
ज़िंदगी
भर
काटिए
कोई
तो
हो
जिस
से
उस
ज़ालिम
की
बातें
कीजिए
चौदहवीं
का
चाँद
हो
तो
रात
छत
पर
काटिए
Read Full
Nisar Nasik
Send
Download Image
33 Likes
बिछड़ते
वक़्त
भी
हिम्मत
नहीं
जुटा
पाया
कभी
भी
उस
को
गले
से
नहीं
लगा
पाया
किसी
को
चाहते
रहने
की
सज़ा
पाई
है
मैं
चार
साल
में
लड़की
नहीं
पटा
पाया
Read Full
Shadab Asghar
Send
Download Image
43 Likes
इश्क़
करना
इक
सज़ा
है
क्या
करें
इश्क़
का
अपना
मज़ा
है
क्या
करें
Syed Naved Imam
Send
Download Image
59 Likes
अब
के
हम
तर्क-ए-रसूमात
करके
देखते
हैं
बीच
वालों
के
बिना
बात
करके
देखते
हैं
इस
सेे
पहले
कि
कोई
फ़ैसला
तलवार
करे
आख़िरी
बार
मुलाक़ात
करके
देखते
हैं
Read Full
Abrar Kashif
Send
Download Image
65 Likes
हमीं
तक
रह
गया
क़िस्सा
हमारा
किसी
ने
ख़त
नहीं
खोला
हमारा
मु'आफ़ी
और
इतनी
सी
ख़ता
पर
सज़ा
से
काम
चल
जाता
हमारा
Read Full
Shariq Kaifi
Send
Download Image
37 Likes
शौक़,लत,आवारगी,अय्याशी
में
गुज़री
हमारी
ज़िन्दगी
अब
तू
मुनासिब
सी
सज़ा
दे
गिनती
करके
Kartik tripathi
Send
Download Image
7 Likes
कौन
डूबेगा
किसे
पार
उतरना
है
'ज़फ़र'
फ़ैसला
वक़्त
के
दरिया
में
उतर
कर
होगा
Ahmad Zafar
Send
Download Image
22 Likes
क्या
जाने
किस
ख़ता
की
सज़ा
दी
गई
हमें
रिश्ता
हमारा
दार
पे
लटका
दिया
गया
शादी
में
सब
पसंद
का
लाया
गया
मगर
अपनी
पसंद
का
उसे
दूल्हा
नहीं
मिला
Read Full
Afzal Ali Afzal
Send
Download Image
30 Likes
मैं
मारा
जाऊँगा
पहले
किसी
फ़साने
में
फिर
इस
के
ब'अद
हक़ीक़त
में
मारा
जाऊँगा
मैं
चुप
रहा
तो
मुझे
मार
देगा
मेरा
ज़मीर
गवाही
दी
तो
अदालत
में
मारा
जाऊँगा
Read Full
Rana Saeed Doshi
Send
Download Image
40 Likes
Read More
तेरी
तस्वीर
की
तस्वीर
तो
मैं
खींच
सकता
हूँ
तेरी
तस्वीर
से
मैं
काश
तुझको
खींच
सकता
बस
Divya 'Kumar Sahab'
Send
Download Image
35 Likes
इस
बंजर
का
तुम
हल
बनके
बरसोगे
कब
तुम
जल
बनके
तुम
याद
करो
मैं
निकलूँगा
परछाई
से
हलचल
बनके
गर
बन
जाओ
जो
बारिश
तुम
मैं
आऊँगा
बादल
बनके
जो
तुम
बैठा
लो
आँखों
में
मैं
बैठूँ
फिर
काजल
बनके
साड़ी
सा
पहनो
मुझको
तुम
तब
लहरूँ
मैं
आँचल
बनके
जो
रख
लो
मुझको
दिल
में
तुम
रह
लूँगा
मैं
पागल
बनके
तुम
मुझको
पहनो
पैरों
में
मैं
खनकूँ
फिर
पायल
बनके
तेरी
बाँहों
के
मरहम
को
मैं
रहता
हूँ
घाइल
बनके
दिल
तो
तेरा
दीवाना
है
अब
तू
भी
आ
कायल
बनके
Read Full
Divya 'Kumar Sahab'
Download Image
37 Likes
जब
मोहब्बत
भर
हवा
में
आँख
ये
लिखने
लगी
नम
हुई
पूरी
फ़िज़ा
और
तुम
मुझे
दिखने
लगी
Divya 'Kumar Sahab'
Send
Download Image
40 Likes
ये
दिल
ले
आया
तेरा
आँचल
पकड़े
पीछे-पीछे
ये
पाँव
बोलते
हैं
अब
तो
मेरे
ये
काँटे
पढ़िए
Divya 'Kumar Sahab'
Send
Download Image
41 Likes
इक
मैं
हूँ
जो
आलस
में
हूँ
सपने
सारे
चंचल
निकले
Divya 'Kumar Sahab'
Send
Download Image
38 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Violence Shayari
Nature Shayari
Muskurahat Shayari
Ummeed Shayari
Bahana Shayari