is banjar ka tum hal banke | इस बंजर का तुम हल बनके

  - Divya 'Kumar Sahab'
इसबंजरकातुमहलबनके
बरसोगेकबतुमजलबनके
तुमयादकरोमैंनिकलूँगा
परछाईसेहलचलबनके
गरबनजाओजोबारिशतुम
मैंआऊँगाबादलबनके
जोतुमबैठालोआँखोंमें
मैंबैठूँफिरकाजलबनके
साड़ीसापहनोमुझकोतुम
तबलहरूँमैंआँचलबनके
जोरखलोमुझकोदिलमेंतुम
रहलूँगामैंपागलबनके
तुममुझकोपहनोपैरोंमें
मैंखनकूँफिरपायलबनके
तेरीबाँहोंकेमरहमको
मैंरहताहूँघाइलबनके
दिलतोतेरादीवानाहै
अबतूभीकायलबनके
  - Divya 'Kumar Sahab'
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