sila dekho muhabbat ka ha | सिला देखो मुहब्बत का हमें बतला रहा है वो

  - Anant Shahrag
सिलादेखोमुहब्बतकाहमेंबतलारहाहैवो
वफ़ाकहकरमुहब्बतमेंदग़ादेतारहाहैवो
हमारेपासवोयारोंकहाँइकमुश्तरहताथा
कभीथोड़ाज़ियादातोकभीआधारहाहैवो
खिलाकरबाग़सेगुलबाग़बाँज्यूँतोड़ले,वैसे
अताकरज़ख़्मसारेफ़िक्रफ़रमातारहाहैवो
नहींथाकुछभीहममेंयारयकसाँछोड़देगरये
किला-परवारहेहमऔरबे-परवारहाहैवो
बहुतआसानथाआनाहमारेदिलमेंभी'शहरग'
जानेफिरकहाँकिनलोगोंमेंखोयारहाहैवो
  - Anant Shahrag
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