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Amol
kaun chahega tujhe ab is tarah se
kaun chahega tujhe ab is tarah se | कौन चाहेगा तुझे अब इस तरह से
- Amol
कौन
चाहेगा
तुझे
अब
इस
तरह
से
के
मैं
चाहूँ
तो
तुझे
भी
ना
ख़बर
हो
- Amol
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हद
से
ज़्यादा
भी
प्यार
मत
करना
जी
हर
इक
पे
निसार
मत
करना
क्या
ख़बर
किस
जगह
पे
रुक
जाए
साँस
का
एतिबार
मत
करना
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Qamar Ejaz
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तुम्हें
इक
मश्वरा
दूँ
सादगी
से
कह
दो
दिल
की
बात
बहुत
तैयारियाँ
करने
में
गाड़ी
छूट
जाती
है
Zubair Ali Tabish
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मैदान
छोड़
देने
से
मैं
बच
तो
जाऊँगा
लेकिन
जो
ये
ख़बर
मेरी
माँ
तक
पहुँच
गई
Munawwar Rana
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हमारे
सीने
पे
उँगलियों
से
तुम
अपना
चेहरा
बना
रहे
थे
तुम्हें
कुछ
उस
की
ख़बर
नहीं
थी
हमारे
दिल
में
जो
चल
रहा
था
Nadim Nadeem
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ये
सोचना
ग़लत
है
कि
तुम
पर
नज़र
नहीं
मसरूफ़
हम
बहुत
हैं
मगर
बे-ख़बर
नहीं
Aalok Shrivastav
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सब
सेे
बेज़ार
हो
गया
हूँ
मैं
ज़ेहनी
बीमार
हो
गया
हूँ
मैं
कोई
अच्छी
ख़बर
नहीं
मुझ
में
यानी
अख़बार
हो
गया
हूँ
मैं
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Mehshar Afridi
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मुझे
ख़राब
किया
उस
ने
हाँ
किया
होगा
उसी
से
पूछिए
मुझ
को
ख़बर
ज़ियादा
नहीं
Zafar Iqbal
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पूरा
करेंगे
होली
में
क्या
वादा-ए-विसाल
जिन
को
अभी
बसंत
की
ऐ
दिल
ख़बर
नहीं
Kalb-E-Hussain Nadir
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न
इब्तिदा
की
ख़बर
है
न
इंतिहा
मालूम
रहा
ये
वहम
कि
हम
हैं
सो
वो
भी
क्या
मालूम
Fani Badayuni
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तुम
न
आए
तो
क्या
सहर
न
हुई
हाँ
मगर
चैन
से
बसर
न
हुई
मेरा
नाला
सुना
ज़माने
ने
एक
तुम
हो
जिसे
ख़बर
न
हुई
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Mirza Ghalib
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समुंदर
बनाता
या
साहिल
बनाता
मैं
क़तरा
किसी
के
तो
काबिल
बनाता
सफ़र
काश
होता
मुक्कमल,
मुझे
गर
कभी
रास्ता
अपनी
मंज़िल
बनाता
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जल
रहा
ज़ख़्म
हैं
और
मरहम
नहीं
बात
ये
भी
हैं
इस
बात
का
ग़म
नहीं
Amol
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हादसा
कल
रात
मेरे
साथ
ऐसा
हो
गया
चूमकर
मैं
होंठ
उस
के
और
प्यासा
हो
गया
Amol
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और
फिर
उस
ने
कहाँ
सब
भूल
जाना
ये
मगर
बोला
नहीं
कब
भूल
जाना
याद
वो
बे-इंतिहा
आने
लगा
था
जिस
दफ़ा
उस
ने
कहाँ
अब
भूल
जाना
इक
तरफ़
बारिश
में
तेरी
याद
आना
इक
तरफ़
हैं
ख़ुश्क
दो
लब
भूल
जाना
चाहते
हो
गर
मदद
मुफ़्लिस
की
करना
याद
रखना
अपना
मज़हब
भूल
जाना
हर
इबादत
में
जिसे
माँगा
हैं
तुझ
सेे
हैं
बड़ा
मुश्किल
उसे,
रब
भूल
जाना
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हवा
को
ख़रीद'ने
के
लाले
पडे
हैं
हमारे
कयामत
से
पाले
पड़े
हैं
Amol
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