yuñ tira dil par mire qabza raha hai | यूँँ तिरा दिल पर मिरे क़ब्ज़ा रहा है

  - Zafar Siddqui
यूँँतिरादिलपरमिरेक़ब्ज़ारहाहै
साँसतकरुकनेकाभीख़तरारहाहै
जबहुएतक़सीमरंज-ओ-ग़मजहाँमें
उसमेंतोमेराभीइकहिस्सारहाहै
चैनमुझकोजनवरीसेफिरमिलेगा
तेरीयादोंकादिसम्बरजारहाहै
जोनहींचलतारहेअस्लाफ़परतो
उसकोफिरहरकाममेंघाटारहाहै
गुलखिलाकरशा'इरीकेगुलसिताँमें
ये'ज़फर'भीअबफ़ज़ामहकारहाहै
  - Zafar Siddqui
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