har nazar men hai asaasa apna | हर नज़र में है असासा अपना

  - Yusuf Hasan
हरनज़रमेंहैअसासाअपना
चाक-दर-चाकहैख़ेमाअपना
कोईपरतवहैसायाउसका
जिसकेहोनेसेहैहोनाअपना
किसकीलौराह-ए-सहरदेखेगी
शामकीशामहैशो'लाअपना
लिपटेजातेहैंकिनारोंसेभी
औरदरियापेभीदावाअपना
छोड़बैठेहैंफ़क़ीरीलेकिन
अभीतोड़ानहींकासाअपना
दर-ए-ख़ुसरवपेचलाहैफ़रहाद
रेहनरखआएतेशाअपना
किनगुमानोंमेंघिरेहो'यूसुफ़'
कभीदेखोतोसरापाअपना
  - Yusuf Hasan
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