ik be-ant samundar teri manzil ai dariyaa | इक बे-अंत समुंदर तेरी मंज़िल ऐ दरिया

  - Yusuf Hasan
इकबे-अंतसमुंदरतेरीमंज़िलदरिया
फिरभीख़ाकउड़ाईंतेरेसाहिलदरिया
कितनी'उम्रोंसेमैंतेरेसाथसफ़रमेंहूँ
खोलअपनेअसरारकभीतूदिलदरिया
सीनोंऔरज़मीनोंकोअगरसैराबकरें
तेरामेराहोनाहैला-हासिलदरिया
हमभीपर्बतकाटतेहैंऔरमिट्टीचाटतेहैं
हमभीतेरेकुँबेमेंहैंशामिलदरिया
  - Yusuf Hasan
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy