aankh men thehra hua sapna bikhar bhi jaayega | आँख में ठहरा हुआ सपना बिखर भी जाएगा

  - Yusuf Hasan
आँखमेंठहराहुआसपनाबिखरभीजाएगा
रात-भरमेंनींदकानश्शाउतरभीजाएगा
दिनकीचमकीलीसदाओंसेगुरेज़ाँराह-रौ
शामकीसरगोशियाँसुनकरठहरभीजाएगा
जिस्म-ओ-जाँमेंजलती-बुझतीलरज़िशेंरहजाएँगी
वोमिरेएहसासकोछूकरगुज़रभीजाएगा
बे-तअल्लुक़सीकरेगागुफ़्तुगूमुझसेमगर
उसकालहजाउसकीबातोंसेमुकरभीजाएगा
वोभीहोगाआहटोंकामुंतज़िरमेरीतरह
औरफ़क़तझोंकाहवाकाउसकेघरभीजाएगा
  - Yusuf Hasan
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