labon tak aaya zabaan se magar kaha na gaya | लबों तक आया ज़बाँ से मगर कहा न गया

  - Yazdani Jalandhari
लबोंतकआयाज़बाँसेमगरकहागया
फ़सानादर्दकाअल-मुख़्तसरकहागया
हरीम-ए-नाज़मेंक्याबातथीजोराज़रही
वोहर्फ़क्याथाजोबार-ए-दिगरकहागया
येहादसाभीअजबहैकितेरेग़मकेसिवा
किसीभीग़मकोग़म-ए-मो'तबरकहागया
नफ़सनफ़समेंथाएहसास-ए-ख़ाना-वीरानी
ख़राबा-ए-ग़म-ए-हस्तीकोघरकहागया
तलाशकरताहूँईमा-ए-इल्तिफ़ातअभी
वोक्यानज़रथीकिजिसकोनज़रकहागया
जुनूँनेफ़िक्र-ओ-नज़रकोवोरिफ़अतेंबख़्शीं
ख़िरदकोहमसेकभीदीदा-वरकहागया
कोईशोरग़ौग़ाहाव-हूख़रोश
ख़िज़ाँकोमौसम-ए-देरीना-गरकहागया
दिलइज़्तिराब-ए-गुज़ारिशकामहशरिसताँथा
किसीकेसामनेकुछभीमगरकहागया
  - Yazdani Jalandhari
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