zinda rahne ka vo afsun-e-ajab yaad nahin | ज़िंदा रहने का वो अफ़्सून-ए-अजब याद नहीं

  - Yazdani Jalandhari
ज़िंदारहनेकावोअफ़्सून-ए-अजबयादनहीं
मैंवोइंसाँहूँजिसेनाम-ओ-नसबयादनहीं
मैंख़यालोंकेपरी-ख़ानोंमेंलहरायाहूँ
मुझकोबेचारगी-ए-महफ़िल-ए-शबयादनहीं
ख़्वाहिशेंरस्तादिखादेतीहैंवर्नायारो
दिलवोज़र्राहैजिसेशहर-ए-तलबयादनहीं
गर्दसीबाक़ीहैअबज़ेहनकेआईनेपर
कैसेउजड़ाहैमिराशहर-ए-तरबयादनहीं
तब्सिराआपकेअंदाज़-ए-करमपरक्याहो
मुझकोख़ुदअपनीतबाहीकासबबयादनहीं
ख़ुदफ़रामोशीनेतकलीफ़कीशिद्दतकमकी
मुझकोकबयादथेयेज़ुल्मजोअबयादनहीं
मुझसेपूछाजोगयाजुर्ममिरामहशरमें
दावर-ए-हश्रसेकहदूँगाकिअबयादनहीं
इज्ज़केसाथचलेआएहैंहम'यज़्दानी'
कोईऔरउनकोमनालेनेकाढबयादनहीं
  - Yazdani Jalandhari
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