kaise har dard ko seene men chhu | कैसे हर दर्द को सीने में छुपाए रक्खें

  - Yasmin Husaini Zaidi Nikhat
कैसेहरदर्दकोसीनेमेंछुपाएरक्खें
औरहोंटोंपेतबस्सुमकोसजाएरक्खें
जोथेअपनेवोज़मानाहुआसबछोड़गए
कबतलकबज़्मकोग़ैरोंसेसजाएरक्खें
येसुनाहैकिवहाँदेरहैअंधेरनहीं
तोचलोबहर-ए-दुआहाथउठाएरक्खें
जबयेछटजाएँगेबादलतोकिरनफूटेगी
शम्अ'उम्मीदकीइकहमभीजलाएरक्खें
यूँँतोभूलेसेभीअबयाँकोईआएगा
एहतियातनहीमगरघरकोसजाएरक्खें
दिलमेंसोईहुईचिंगारीनेकरवटलीहै
अबतोइसआगसेदामनकोबचाएरक्खें
होगा'निकहत'सेमोअ'त्तरयेचमनभीइकरोज़
बसतिरीयादकेपौदोंकोलगाएरक्खें
  - Yasmin Husaini Zaidi Nikhat
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