behaal dil ka haal karoon to ghazal kahooñ | बेहाल दिल का हाल करूँँ तो ग़ज़ल कहूँ

  - Yasmin Husaini Zaidi Nikhat
बेहालदिलकाहालकरूँँतोग़ज़लकहूँ
जीनेकाफिरमलालकरूँँतोग़ज़लकहूँ
दिलतोमिसाल-ए-संगहैटूटेगाक्याभला
ख़स्ता-जिगरकाहालकरूँँतोग़ज़लकहूँ
येरंगचाररोज़ाहैरा'नाईचाररोज़
जोहुस्नला-ज़वालकरूँँतोग़ज़लकहूँ
हैलुत्फ़इसमियाना-रवीमेंभलाकहाँ
कुछअम्रबा-कमालकरूँँतोग़ज़लकहूँ
मौसमसर्दगर्मतूफ़ाँकाज़ोरहै
अबख़ुदहीकुछवबालकरूँँतोग़ज़लकहूँ
मुद्दतहुईहबीबसेशिकवाकिएहुए
अबउससेकुछसवालकरूँँतोग़ज़लकहूँ
हैंइसजहाँमेंअच्छेसुख़न-वरहज़ार-हा
'निकहत'कोबे-मिसालकरूँँतोग़ज़लकहूँ
  - Yasmin Husaini Zaidi Nikhat
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