umangon men vahii josh-e-tamanna-zaad baaki hai | उमंगों में वही जोश-ए-तमन्ना-ज़ाद बाक़ी है

  - Yaqoob Usmani
उमंगोंमेंवहीजोश-ए-तमन्ना-ज़ादबाक़ीहै
अभीदिलमेंख़ुदारक्खेकिसीकीयादबाक़ीहै
सर-ए-मंज़िलफ़रेब-ए-रहनुमाकातोड़मुश्किलथा
ग़नीमतहैकिशौक़-ए-मरहला-ईजादबाक़ीहै
हँसीआतीहैतेरेइसग़ुरूर-ए-दाम-दारीपर
कोईफंदाभीसाबितआजसय्यादबाक़ीहै
सहरनेकेचेहरावक़्तकाधोयातोक्याधोया
फ़ज़ाओंपरग़ुबार-ए-ख़ातिर-ए-नाशादबाक़ीहै
तबाहीघेरनेवालीथीआख़िरकिनसफ़ीनोंको
तह-ए-गिर्दाबशोर-ए-हर-चेबादा-बादबाक़ीहै
अभीसेबंधगईहिचकीचमन-अफ़रोज़कलियोंकी
अभीतोदास्तान-ए-निगहत-ए-बरबादबाक़ीहै
ज़बान-ए-वक़्तकलसेइकनयाअफ़्सानाछेड़ेगी
बहुतथोड़ीसी'याक़ूब'आजकीरूदादबाक़ीहै
  - Yaqoob Usmani
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