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Yamir Ahsan
nahin aa.e koi anjaam rishton ke
nahin aa.e koi anjaam rishton ke | नहीं आए कोई अंजाम रिश्तों के
- Yamir Ahsan
नहीं
आए
कोई
अंजाम
रिश्तों
के
बदलते
रह
गए
हम
नाम
रिश्तों
के
- Yamir Ahsan
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दुश्मनी
लाख
सही
ख़त्म
न
कीजे
रिश्ता
दिल
मिले
या
न
मिले
हाथ
मिलाते
रहिए
Nida Fazli
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तू
समझता
है
कि
रिश्तों
कि
दुहाई
देंगे
अरे
हम
तो
वो
हैं
तेरे
चेहरे
से
दिखाई
देंगे
Waseem Barelvi
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ज़िंदगी
तुझ
से
भी
क्या
ख़ूब
त'अल्लुक़
है
मिरा
जैसे
सूखे
हुए
पत्ते
से
हवा
का
रिश्ता
Khalish Akbarabadi
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जिस
लब
के
ग़ैर
बोसे
लें
उस
लब
से
'शेफ़्ता'
कम्बख़्त
गालियाँ
भी
नहीं
मेरे
वास्ते
Mustafa Khan Shefta
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कुछ
रिश्तों
में
दिल
को
आज़ादी
नइँ
होती
कुछ
कमरों
में
रौशनदान
नहीं
होता
है
Vikram Gaur Vairagi
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इतना
धीरे-धीरे
रिश्ता
ख़त्म
हुआ
बहुत
दिनों
तक
लगा
नहीं
हम
बिछड़े
हैं
Ajmal Siddiqui
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निभाया
जिस
सेे
भी
रिश्ता
तो
फिर
हद
में
रहे
हैं
हम
किसी
के
मखमली
तकिए
के
ऊपर
सर
नहीं
रक्खा
Nirbhay Nishchhal
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रिश्तों
की
दलदल
से
कैसे
निकलेंगे
हर
साज़िश
के
पीछे
अपने
निकलेंगे
Shakeel Jamali
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उसके
बदन
को
दी
नुमूद
हमने
सुखन
में
और
फिर
उसके
बदन
के
वास्ते
इक
क़बा़
भी
सी
गई
Jaun Elia
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जीत
भी
लूँ
गर
लड़ाई
तुम
से
मैं
तो
क्या
मिलेगा
हाथ
में
दोनों
के
बस
इक
टूटा
सा
रिश्ता
मिलेगा
कर
के
लाखों
कोशिशें
गर
जो
बचा
भी
लूँ
मैं
रिश्ता
तो
नहीं
फिर
मन
हमारा
पहले
के
जैसा
मिलेगा
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Ankit Maurya
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चाहिए
क्या
और
आफ़त
के
लिए
इश्क़
काफ़ी
है
क़यामत
के
लिए
जान
कर
कुछ
ग़लतियाँ
करता
था
मैं
दिल
तरसता
था
शिकायत
के
लिए
इश्क़
तेरा
बन
गया
है
वो
मिसाल
लोग
देंगे
जिसको
लानत
के
लिए
हमने
उस
सेे
भी
मुहब्बत
कर
ली
है
जो
न
क़ाबिल
था
अदावत
के
लिए
ख़ुश-मिज़ाजी
को
तिरे
समझा
था
इश्क़
माफ़
कर
दे
इस
हिमाक़त
के
लिए
मौत
भी
है
हिज्र
जैसी
कैफ़ियत
क्या
सज़ा
दें
फिर
बग़ावत
के
लिए
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Yamir Ahsan
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हम
ही
हैं
हुस्न
को
शमशीर
बनाने
वाले
मुल्क
की
नोक
पे
कश्मीर
बनाने
वाले
Yamir Ahsan
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आख़िरी
बार
चलो
हाथ
मिला
लेते
हैं
फिर
कहाँ
जाने
मुलाक़ात
हमारी
होगी
Yamir Ahsan
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इधर
तुम
दिखोगी,
उधर
तुम
दिखोगी
अभी
इश्क़
का
है
असर,
तुम
दिखोगी
गली
में
बहुत
भीड़
भरने
लगी
है
गली
में
उड़ी
है
ख़बर,
तुम
दिखोगी
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Yamir Ahsan
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तिरा
जिस्म
है
हू-ब-हू
याद
मुझको
तू
इतना
बता
दे
मिरा
नाम
क्या
है
Yamir Ahsan
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