aah-e-beemaar kaargar na hui | आह-ए-बीमार कार-गर न हुई

  - Yagana Changezi
आह-ए-बीमारकार-गरहुई
चर्ख़काँपामगरसहरहुई
सुब्ह-ए-महशरहुईशब-ए-तारीक
सूरत-ए-यारजल्वा-गरहुई
शब-ए-उम्मीदकटगईलेकिन
ज़िंदगीअपनीमुख़्तसरहुई
दूरसेआजउनकोदेखलिया
दिलकोतस्कींहुईमगरहुई
आँखोंआँखोंमेंलेलियावा'दा
कानों-कानएककोख़बरहुई
उफ़रीचश्म-ए-इताबउफ़रेजलाल
बर्क़-ए-सोज़ाँहुईनज़रहुई
फ़िक्र-ए-अंजाम-ओ-हसरत-ए-आग़ाज़
दो-घड़ीचैनसेबसरहुई
खुलनेवालानहींदर-ए-तौबा
फ़िक्र-ए-अंजामवक़्तपरहुई
ऐसारोनाभीकोईरोनाहै
आस्तीनआँसुओंसेतरहुई
हटकेबालींसेलोगरोतेहैं
जैसेबीमारकोख़बरहुई
लुटगयासाराकारवाँअदम
एककोएककीख़बरहुई
नीम-जाँछोड़करचलाक़ातिल
निगह-ए-'यास'कार-गरहुई
  - Yagana Changezi
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