raushan tamaam kaaba o but-khaana ho gaya | रौशन तमाम काबा ओ बुत-ख़ाना हो गया

  - Yagana Changezi
रौशनतमामकाबाबुत-ख़ानाहोगया
घर-घरजमाल-ए-यारकाअफ़्सानाहोगया
सूरत-परस्तकबहुएमअ'नीसेआश्ना
आलमफ़रेब-ए-तूरकाअफ़्सानाहोगया
चश्म-ए-हवसहैशेफ़्ता-ए-हुस्न-ए-ज़ाहिरी
दिलआश्ना-ए-मअ'नी-ए-बेगानाहोगया
आसाँनहींहैआगमेंदानिस्ताकूदना
दीवानाशौक़-ए-वस्लमेंपरवानाहोगया
कैफ़ियत-ए-हयातथीदमभरकीमेहमाँ
लबरेज़पीतेहीमिरापैमानाहोगया
अश्कोंसेजामभरगएसाक़ीकीयादमें
कुछतोमआल-ए-मजलिस-ए-रिन्दानाहोगया
दैरहरमभीढहगएजबदिलनहींरहा
सबदेखतेहीदेखतेवीरानाहोगया
कलकीहैबातजोशपेथाआलम-ए-शबाब
यादश-ब-ख़ैरआजइकअफ़्सानाहोगया
आईनादेखताहैगरेबाँकोफाड़कर
वहशीअबअपनाआपहीदीवानाहोगया
क्याजानेआजख़्वाबमेंक्यादेखा'यास'ने
क्यूँँचौंकतेहीआपसेबेगानाहोगया
  - Yagana Changezi
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