aankh dikhlane laga hai vo fusoon-saaz mujhe | आँख दिखलाने लगा है वो फ़ुसूँ-साज़ मुझे

  - Yagana Changezi
आँखदिखलानेलगाहैवोफ़ुसूँ-साज़मुझे
कहींअबख़ाकछनवाएयेअंदाज़मुझे
कैसेहैराँथेतुमआईनेमेंजबआँखलड़ी
आजतकयादहैइसइश्क़काआग़ाज़मुझे
सामनेनहींसकतेकिहिजाबआताहै
पर्दा-ए-दिलसेसुनातेहैंवोआवाज़मुझे
तीलियाँतोड़केनिकलेसबअसीरान-ए-क़फ़स
मगरअबतकमिलीरुख़्सत-ए-परवाज़मुझे
परकतरदेअरेसय्यादछुरीफेरनाक्या
मारडालेगीयूँँहीहसरत-ए-परवाज़मुझे
ज़ेर-ए-दीवार-ए-सनमक़ब्रमेंसोताहूँफ़लक
क्यूँँहोताला-ए-बेदारपरअबनाज़मुझे
बे-धड़कआएज़िंदाँमेंनसीम-ए-वहशत
मस्तकरदेतीहैज़ंजीरकीआवाज़मुझे
पर्दा-ए-हिज्रवहीहस्ती-ए-मौहूमथी'यास'
सचहैपहलेनहींमालूमथायेराज़मुझे
  - Yagana Changezi
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy