हरकामयूँँकरोकिहुनरबोलनेलगे
मेहनतदिखेसभीकोअसरबोलनेलगे
इसबे-वफ़ासेबोलनातौहीनथीमिरी
लेकिनयेमेरेज़ख़्म-ए-जिगरबोलनेलगे
तहज़ीबचुपहैइल्म-ओ-अदबआजशर्मसार
देखोपिताकेमुँहपेपिसरबोलनेलगे
आँखोंसेमैंज़बानकाऐसेभीकामलूँ
जोभीमैंकहनाचाहूँनज़रबोलनेलगे
सबहमकोबुत-परस्तसमझतेरहेमगर
ऐसेतराशेहमनेहजरबोलनेलगे
दैर-ओ-हरमकेनामपेजबशहरबटगया
दोनोंतरफ़सेतेग़-ओ-तबरबोलनेलगे
मैंनेग़ज़लसुनाई'ज़फ़र'कीज़मीनमें
सबदोस्तमेरेमुझकोज़फ़रबोलनेलगे
तूहै'दिनेश'औरवोहैचौदहवींकाचाँद
आपसमेंकबसेशम्स-ओ-क़मरबोलनेलगे