rafta rafta tarjumaani dard ki | रफ़्ता रफ़्ता तर्जुमानी दर्द की

  - Dinesh Kumar
रफ़्तारफ़्तातर्जुमानीदर्दकी
शाइ'रीहैक़द्रदानीदर्दकी
ज़ख़्म-ए-दिलकामर्तबाशाहोंसाहै
औरदिलहैराजधानीदर्दकी
हमसेपूछोतुममज़ातकलीफ़का
हमनेकीहैमेज़बानीदर्दकी
मुस्कुराहटबा-सबबहोंठोंपेहै
ख़ुश-नुमारुख़हैनिशानीदर्दकी
ज़िंदगीमेंसबभलेग़मगीनहैं
हैअलगसबकीकहानीदर्दकी
ग़मगुसारोंसेकिनाराकरलिया
दिलनेआख़िरबातमानीदर्दकी
मरगएहोते'दिनेश'उसकेबग़ैर
जीरहेहैंमेहरबानीदर्दकी
  - Dinesh Kumar
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy