apni manzil ki jo hasrat karna | अपनी मंज़िल की जो हसरत करना

  - Dinesh Kumar
अपनीमंज़िलकीजोहसरतकरना
घरसेचलनेकीभीहिम्मतकरना
कोईतुझकोजोअमानतसौंपे
जानदेकरभीहिफ़ाज़तकरना
कहनाआसानहैकरनामुश्किल
दुश्मनोंसेभीमोहब्बतकरना
आजबचपनमेंहैवोबातकहाँ
वक़्तबे-वक़्तशरारतकरना
तेरेभीतरकाख़ुदाजागउठे
इतनीशिद्दतसेइबादतकरना
जबउसेदोस्तकहाहैतुमने
उसकेदुखदर्दमेंशिरकतकरना
फ़र्ज़औलादकाहोताहै'दिनेश'
अपनेमाँबापकीख़िदमतकरना
  - Dinesh Kumar
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy