Akram Jazib

Akram Jazib

@akram-jazib

Akram Jazib shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Akram Jazib's shayari and don't forget to save your favorite ones.

Followers

0

Content

5

Likes

0

Shayari
Audios
  • Ghazal
रोज़-ए-अव्वलहीख़ता-कारबनायागयाहूँ
औरफिरअशरफ़-ए-मख़्लूक़बतायागयाहूँ
टूटनेऔरबिखरनेपेहैवावैलाक्यूँ
देखिएकितनीबुलंदीसेगिरायागयाहूँ
इख़्तियारातसेतक़दीरसेक्यालेनाहै
वक़्तकीगर्दमेंतिनकासाउड़ायागयाहूँ
ज़िंदगीएकडगरपरहीकहाँचलतीहै
कभीदीवारकभीदिलसेलगायागयाहूँ
दोनोंहाथोंसेलुटातेहुएयेतोसोचें
कितनीमेहनतसेमोहब्बतसेकमायागयाहूँ
मैंयूसुफ़हूँहैकोईख़रीदारमिरा
जानेक्यासोचकेबाज़ारमेंलायागयाहूँ
इम्तिहाँदेनेतलकयादजिन्हेंरखाजाए
उनसवालातकीमानिंदभुलायागयाहूँ
नोक-ए-ख़ंजरसेसहीवक़्तकेहाथोंलेकिन
गुदगुदीकरकेकईबारहँसायागयाहूँ
इसज़मानेकाहूँमैंएकहँसीकामक़रूज़
जिसकीपादाशमेंइकउम्ररुलायागयाहूँ
मसअलायूँँहीनहींपेशफ़िशार-ए-ख़ूँका
ख़ुदसेउलझायागयाऔरलड़ायागयाहूँ
अजनबीलोगज़मीं-ज़ादनहींलगतेहैं
औरसय्यारेपेशायदमैंबसायागयाहूँ
कनफ़्योशिसहोकिनानकहोकिबुद्धागौतम
सोतरीक़ोंसेसबक़एकपढ़ायागयाहूँ
लाखपर्दोंमेंसहीमेरीहक़ीक़तमलफ़ूफ़
मैंब-हर-रंगज़मानेकोदिखायागयाहूँ
मुझकोमाहौलमुआफ़िक़नहींआया'जाज़िब'
फूलहूँऔरसर-ए-दश्तखिलायागयाहूँ
Read Full
Akram Jazib
बैठाहूँअपनीज़ातकानक़्शानिकालके
इकबे-ज़मीनहारीहूँसहरानिकालके
ढूँडाबहुतमगरकोईरस्तानहींमिला
इसज़िंदगीसेतेराहवालानिकालके
अलमारीसेमिलेमुझेपहलेपहलकेख़त
बैठाहुआहूँआपकावा'दानिकालके
वीरानियोंपेआँखछमा-छमबरसपड़ी
लायाहूँमैंतोदश्तसेदरियानिकालके
आसानियाँहीसोचतेरहतेहैंयारलोग
उक़्बानिकालकरकभीदुनियानिकालके
हमरफ़्तगाँसेहटकेभीदेखेंतोशे'रमें
मौज़ूअ'कमहीबचतेहैंनौहानिकालके
मिलनाकहाँथासहलदर-ए-आगहीमुझे
आयाहूँमैंपहाड़सेरस्तानिकालके
वाइ'ज़निहालआजख़ुशीसेहैकिसक़दर
इकताज़ाइख़्तिलाफ़कानुक्तानिकालके
मुनइ'मकोउसनिवालेकीलज़्ज़तकाक्यापता
मज़दूरजोकमाएपसीनानिकालके
हालातक्याग़रीबकेबदलेकिहरकोई
लेआयाहैक़रीबकारिश्तानिकालके
'जाज़िब'कहाँख़बरथीकिहैबाज़ताकमें
हमशादथेक़फ़ससेपरिंदानिकालके
Read Full
Akram Jazib
रफ़ाक़तोंकाभरमतोड़जानेवालानहीं
मुक़ाबलेमेंअगरआयातर-निवालानहीं
पड़ीहुईहैनसबक़ैससेमिलानेकी
किसीनेदश्तमुकम्मलमगरखंगालानहीं
यहाँबुलंदसदाएँलगाग़ुबारउड़ा
दयार-ए-इश्क़हैतहज़ीबकाहवालानहीं
हमारेअहदकेसुक़रातमस्लहत-बींहैं
किसीकेहाथमेंभीज़हरकाप्यालानहीं
सफ़रमेंरहनेसेइसकोक़राररहताहै
येज़ख़्मदिलकाहैपाँवकाकोईछालानहीं
हवाकेहाथलगीख़ुश्बूओंज़रासुनलो
सँभालेकौनअगरफूलनेसँभालानहीं
येजिसनेरिज़्क़कीतंगीपेख़ुद-कुशीकरली
कहींसमाजनेमिलकरतोमारडालानहीं
करेंगेयूँँहीसदाइंतिज़ारसाहिलपर
गुहरतहोंसेसमुंदरनेजोउछालानहीं
येएहतियातपसंदीकहाँसेआईहै
अगरज़बाँपेकोईमस्लहतकातालानहीं
कहानियाँतराशेंख़यालीदुनियाकी
कहाँजहानमेंतफ़रीक़पस्त-ओ-बालानहीं
इजारा-दारियाँक़ाएमहैंकिसलिए'जाज़िब'
कोईहवालाअगरमो'तबरहवालानहीं
Read Full
Akram Jazib