दरिया-ए-तीरगीमेंबिखरनापड़ामुझे
सूरजकेसाथसाथउतरनापड़ामुझे
दो-चारदिननिगाहकामरकज़रहाकोई
फिरफ़ासलोंकाफ़ैसलाकरनापड़ामुझे
क्याजानेकिसमिज़ाजकेकितनेहबीबथे
अपनीहीआस्तीनसेडरनापड़ामुझे
आँखोंसेउम्र-भरनमुलाक़ातहोसकी
बे-कारआइनेमेंसँवरनापड़ामुझे
इकज़िंदगीकोछोड़दियामौतकेलिए
इकज़िंदगीकेवास्तेमरनापड़ामुझे
मीठेसमुंदरोंकेउन्हींसेथेसिलसिले
जिनखट्टेपानियोंमेंठहरनापड़ामुझे
इकसचकीआबरूकीहिफ़ाज़तकेवास्ते
ख़ुदअपनेआपहीसेमुकरनापड़ामुझे