bahte hue dariyaa ke kinaaron ki tarah tha | बहते हुए दरिया के किनारों की तरह था

  - Wafa Naqvi
बहतेहुएदरियाकेकिनारोंकीतरहथा
तुझसेमिरारिश्ताकभीख़्वाबोंकीतरहथा
बिस्तरपेउतरआईथींमहताबकीकिरनें
लहजातिराकलरातउजालोंकीतरहथा
मैंउसकोपढ़ाकरताथाहररातबहुतदेर
वोशख़्समिरेपासकिताबोंकीतरहथा
क्यालम्सथाक्याज़ुल्फ़थीक्यासुर्ख़ी-ए-लबथी
हररंगतिराजैसेशराबोंकीतरहथा
कुछदेरकोख़ुशकरकेचलेसारेजहाँको
क्याअपनातअ'ल्लुक़भीतमाशोंकीतरहथा
दुनियानेबहुतचाहाकिनामउसकाबतादूँ
वोदफ़्नथामुझमेंमिरेराज़ोंकीतरहथा
खोनेनहींदेताथामुझेभीड़मेंएहसास
जकड़ेहुएमुझकोतिरीबाँहोंकीतरहथा
  - Wafa Naqvi
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