ai KHuda jab se ata ki tu ne peshaani mujhe | ऐ ख़ुदा जब से अता की तू ने पेशानी मुझे

  - Wafa Naqvi
ख़ुदाजबसेअताकीतूनेपेशानीमुझे
सरउठानेमेंहुईहैकितनीआसानीमुझे
अपनेदिलमेंहीबसारक्खीहैमैंनेकाएनात
कोईकहसकतानहींअबनक़्श-ए-वीरानीमुझे
ऐसेवहशत-नाकमंज़रमुझमेंआतेहैंनज़र
अबनहींहोतीकिसीपरकोईहैरानीमुझे
सैंकड़ोंसदियोंसेसहराकीसदाकेसाथहूँ
राससकतीनहींदरियाकीसुलतानीमुझे
उसतरफ़हीचलपड़ूँगासोचनेकाक्यामक़ाम
जिसतरफ़लेजाएगीयेराह-ए-अनजानीमुझे
  - Wafa Naqvi
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