hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Ved Rahi
dil se jab lau lagii nahin hoti
dil se jab lau lagii nahin hoti | दिल से जब लौ लगी नहीं होती
- Ved Rahi
दिल
से
जब
लौ
लगी
नहीं
होती
आँख
भी
शबनमी
नहीं
होती
जिस
को
ग़म
ने
हयात
बख़्शी
हो
हर
ख़ुशी
वो
ख़ुशी
नहीं
होती
काँटे
जब
तक
जवाँ
नहीं
होते
शाख़
गुल
की
हरी
नहीं
होती
ख़ास
अंदाज़
जब
सुख़न
का
न
हो
शाएरी
शाएरी
नहीं
होती
लब
पे
जबरन
हँसी
भी
लाते
हैं
दर्द
में
कुछ
कमी
नहीं
होती
- Ved Rahi
Download Ghazal Image
ज़ख़्म
जो
तुम
ने
दिया
वो
इस
लिए
रक्खा
हरा
ज़िंदगी
में
क्या
बचेगा
ज़ख़्म
भर
जाने
के
बाद
Azm Shakri
Send
Download Image
42 Likes
कितनी
उजलत
में
मिटा
डाला
गया
आग
में
सब
कुछ
जला
डाला
गया
Manish Shukla
Send
Download Image
19 Likes
कोई
तितली
पकड़
लें
अगर
फूल
पर
रख
दिया
कीजिए
Vikas Rana
Send
Download Image
29 Likes
समझ
के
आग
लगाना
हमारे
घर
में
तुम
हमारे
घर
के
बराबर
तुम्हारा
भी
घर
है
Hafeez Banarasi
Send
Download Image
24 Likes
हम
ही
में
थी
न
कोई
बात
याद
न
तुम
को
आ
सके
तुम
ने
हमें
भुला
दिया
हम
न
तुम्हें
भुला
सके
Hafeez Jalandhari
Send
Download Image
28 Likes
जब
से
वो
समुंदर
पार
गया
गोरी
ने
सँवरना
छोड़
दिया
Bekal Utsahi
Send
Download Image
32 Likes
न
रूई
हो
तो
अपने
अश्कों
से
बाती
बनाएँगे
बुझा
दीया
हमारा
तो
हवा
से
लड़
भी
जाएँगे
बनाई
रोज़
चौदह
साल
रंगोली
बस
इस
ख़ातिर
न
जाने
रामजी
वनवास
से
कब
लौट
आएंँगे
Read Full
Krishnakant Kabk
Send
Download Image
26 Likes
ज़िन्दगी
छीन
ले
बख़्शी
हुई
दौलत
अपनी
तूने
ख़्वाबों
के
सिवा
मुझ
को
दिया
भी
क्या
है
Akhtar Saeed Khan
Send
Download Image
44 Likes
दिया
जला
के
सभी
बाम-ओ-दर
में
रखते
हैं
और
एक
हम
हैं
इसे
रह-गुज़र
में
रखते
हैं
समुंदरों
को
भी
मालूम
है
हमारा
मिज़ाज
कि
हम
तो
पहला
क़दम
ही
भँवर
में
रखते
हैं
Read Full
Abrar Kashif
Send
Download Image
47 Likes
क्या
ख़ूब
तुम
ने
ग़ैर
को
बोसा
नहीं
दिया
बस
चुप
रहो
हमारे
भी
मुँह
में
ज़बान
है
Mirza Ghalib
Send
Download Image
37 Likes
Read More
कुछ
नहीं
खुलता
इब्तिदा
क्या
है
इस
ख़राबात
की
बिना
क्या
है
सोचते
हैं
कि
इब्तिदा
क्या
थी
काश
समझें
कि
इंतिहा
क्या
है
नहीं
तुम
हो
हमारी
नज़रों
में
हम
नहीं
जानते
ख़ुदा
क्या
है
दर्द
तुम
ने
दिया
इनायत
की
मगर
इस
दर्द
की
दवा
क्या
है
हम
ने
दुनिया
में
क्या
नहीं
देखा
देखिए
और
देखना
क्या
है
Read Full
Ved Rahi
Download Image
0 Likes
उर्वशी
आसमाँ
से
आ
जाए
कोई
अर्जुन
सा
रूप
दिखलाए
कोई
बस
जाए
जो
तसव्वुर
में
मौत
भी
ज़िंदगी
से
शरमाए
चाँद
बिखरा
रहा
है
किरनों
को
कौन
आता
है
सर
को
निहुड़ाए
बादलों
के
सजीले
डोले
पर
कोई
दुल्हन
पिया
के
घर
जाए
कोई
फिर
दिल
में
चुटकियाँ
ले
ले
कोई
फिर
मन
को
आ
के
बहलाए
Read Full
Ved Rahi
Download Image
0 Likes
शब
की
तारीकी
बढ़ती
ही
जाए
कौन
आता
है
ज़ुल्फ़
बिखराए
झिलमिलाए
सितारों
के
झुरमुट
किस
की
पलकों
पे
अश्क
थर्राए
उस
की
जो
बात
है
निराली
है
दिल-ए-नादाँ
को
कौन
समझाए
उन
को
भूले
ज़माना
होता
है
अश्क
आँखों
में
फिर
भी
भर
आए
दम-ब-ख़ुद
सारी
काएनात
हुई
हम
ने
वो
गीत
प्यार
के
गाए
Read Full
Ved Rahi
Download Image
0 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Mashwara Shayari
Aangan Shayari
Zulm Shayari
Ujaala Shayari
Dipawali Shayari