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Ved Rahi
urvashi aasmaañ se aa jaa.e
urvashi aasmaañ se aa jaa.e | उर्वशी आसमाँ से आ जाए
- Ved Rahi
उर्वशी
आसमाँ
से
आ
जाए
कोई
अर्जुन
सा
रूप
दिखलाए
कोई
बस
जाए
जो
तसव्वुर
में
मौत
भी
ज़िंदगी
से
शरमाए
चाँद
बिखरा
रहा
है
किरनों
को
कौन
आता
है
सर
को
निहुड़ाए
बादलों
के
सजीले
डोले
पर
कोई
दुल्हन
पिया
के
घर
जाए
कोई
फिर
दिल
में
चुटकियाँ
ले
ले
कोई
फिर
मन
को
आ
के
बहलाए
- Ved Rahi
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देखो
देखो
जानम
हम
दिल
अपना
तेरे
लिए
लाए
सोचो
सोचो
दुनिया
में
क्यूँँ
आए
तेरे
लिए
आए
Rahat Indori
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वो
इतना
शांत
दरिया
था
मगर
जब
गया
तो
ले
गया
सब
कुछ
बहा
के
Siddharth Saaz
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तू
मेरा
इश्क़-विश्क
था
वरना
हम
तुझे
जीत
लेते
धोखे
से
Shadab Asghar
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शहर
का
तब्दील
होना
शाद
रहना
और
उदास
रौनक़ें
जितनी
यहाँ
हैं
औरतों
के
दम
से
हैं
Muneer Niyazi
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बिछड़
जाएँगे
हम
दोनों
ज़मीं
पर
ये
उस
ने
आसमाँ
पर
लिख
दिया
है
Siraj Faisal Khan
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आँख
आँसू
को
ऐसे
रस्ता
देती
है
जैसे
रेत
गुज़रने
दरिया
देती
है
कोई
भी
उसको
जीत
नहीं
पाया
अब
तक
वैसे
वो
हर
एक
को
मौक़ा
देती
है
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Kafeel Rana
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मैं
क्या
कहूँ
के
मुझे
सब्र
क्यूँँ
नहीं
आता
मैं
क्या
करूँँ
के
तुझे
देखने
की
आदत
है
Ahmad Faraz
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मैं
उस
के
वादे
का
अब
भी
यक़ीन
करता
हूँ
हज़ार
बार
जिसे
आज़मा
लिया
मैं
ने
Makhmoor Saeedi
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वो
बहुत
चालाक
है
लेकिन
अगर
हिम्मत
करें
पहला
पहला
झूट
है
उस
को
यक़ीं
आ
जाएगा
Zafar Iqbal
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लो
हमारा
जवाब
ले
जाओ
ये
महकता
गुलाब
ले
जाओ
Aleena Itrat
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कुछ
नहीं
खुलता
इब्तिदा
क्या
है
इस
ख़राबात
की
बिना
क्या
है
सोचते
हैं
कि
इब्तिदा
क्या
थी
काश
समझें
कि
इंतिहा
क्या
है
नहीं
तुम
हो
हमारी
नज़रों
में
हम
नहीं
जानते
ख़ुदा
क्या
है
दर्द
तुम
ने
दिया
इनायत
की
मगर
इस
दर्द
की
दवा
क्या
है
हम
ने
दुनिया
में
क्या
नहीं
देखा
देखिए
और
देखना
क्या
है
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Ved Rahi
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शब
की
तारीकी
बढ़ती
ही
जाए
कौन
आता
है
ज़ुल्फ़
बिखराए
झिलमिलाए
सितारों
के
झुरमुट
किस
की
पलकों
पे
अश्क
थर्राए
उस
की
जो
बात
है
निराली
है
दिल-ए-नादाँ
को
कौन
समझाए
उन
को
भूले
ज़माना
होता
है
अश्क
आँखों
में
फिर
भी
भर
आए
दम-ब-ख़ुद
सारी
काएनात
हुई
हम
ने
वो
गीत
प्यार
के
गाए
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Ved Rahi
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दिल
से
जब
लौ
लगी
नहीं
होती
आँख
भी
शबनमी
नहीं
होती
जिस
को
ग़म
ने
हयात
बख़्शी
हो
हर
ख़ुशी
वो
ख़ुशी
नहीं
होती
काँटे
जब
तक
जवाँ
नहीं
होते
शाख़
गुल
की
हरी
नहीं
होती
ख़ास
अंदाज़
जब
सुख़न
का
न
हो
शाएरी
शाएरी
नहीं
होती
लब
पे
जबरन
हँसी
भी
लाते
हैं
दर्द
में
कुछ
कमी
नहीं
होती
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Ved Rahi
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