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Rahat Indori
dekho dekho jaanam ham dil apna tere li.e l
dekho dekho jaanam ham dil apna tere li.e l | देखो देखो जानम हम दिल अपना तेरे लिए लाए
- Rahat Indori
देखो
देखो
जानम
हम
दिल
अपना
तेरे
लिए
लाए
सोचो
सोचो
दुनिया
में
क्यूँँ
आए
तेरे
लिए
आए
- Rahat Indori
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इतने
दुख
से
भरी
है
ये
दुनिया
आँख
खुलते
ही
आँख
भर
आए
shampa andaliib
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सिर्फ़
ज़िंदा
रहने
को
ज़िंदगी
नहीं
कहते
कुछ
ग़म-ए-मोहब्बत
हो
कुछ
ग़म-ए-जहाँ
यारो
Himayat Ali Shayar
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सुतून-ए-दार
पे
रखते
चलो
सरों
के
चराग़
जहाँ
तलक
ये
सितम
की
सियाह
रात
चले
Majrooh Sultanpuri
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चलो
ऐ
हिंद
के
सैनिक
कि
लहराएँ
तिरंगा
हम
जिसे
दुनिया
नमन
करती
है
उस
पर्वत
की
चोटी
पर
ATUL SINGH
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दुनिया
के
ताने
सह
लेता
हूँ
इक
अच्छा
बेटा
कहलाना
है
Neeraj Neer
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ये
दुनिया
ग़म
तो
देती
है
शरीक-ए-ग़म
नहीं
होती
किसी
के
दूर
जाने
से
मोहब्बत
कम
नहीं
होती
Unknown
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तुम
हुस्न
की
ख़ुद
इक
दुनिया
हो
शायद
ये
तुम्हें
मालूम
नहीं
महफ़िल
में
तुम्हारे
आने
से
हर
चीज़
पे
नूर
आ
जाता
है
Sahir Ludhianvi
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जब
आ
जाती
है
दुनिया
घूम
फिर
कर
अपने
मरकज़
पर
तो
वापस
लौट
कर
गुज़रे
ज़माने
क्यूँँ
नहीं
आते
Ibrat Machlishahri
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रात
की
भीगी-भीगी
मिट्टी
से
कुछ
उजाले
उगा
रही
होगी
मेरी
दुनिया
में
करके
अँधियारा
वो
दिवाली
मना
रही
होगी
Tanveer Ghazi
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हम
क्या
करें
अगर
न
तिरी
आरज़ू
करें
दुनिया
में
और
भी
कोई
तेरे
सिवा
है
क्या
Hasrat Mohani
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दो
गज़
सही
मगर
ये
मेरी
मिल्कियत
तो
है
ऐ
मौत
तूने
मुझे
ज़मींदार
कर
दिया
Rahat Indori
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ऐसी
सर्दी
है
कि
सूरज
भी
दुहाई
माँगे
जो
हो
परदेस
में
वो
किस
सेे
रज़ाई
माँगे
Rahat Indori
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झूठ
से,
सच
से,
जिस
सेे
भी
यारी
रखें
आप
तो
अपनी
तक़रीर
जारी
रखें
बात
मन
की
कहें
या
वतन
की
कहें
झूठ
बोलें
तो
आवाज़
भारी
रखें
इन
दिनों
आप
मालिक
हैं
बाजार
के
जो
भी
चाहें
वो
कीमत
हमारी
रखें
आपके
पास
चोरों
की
फेहरिस्त
है
सब
पे
दस्त-ए-कर्म
बारी
बारी
रखें
सैर
के
वास्ते
और
भी
मुल्क
हैं
रोज़
तैयार
अपनी
सवारी
रखें
वो
मुकम्मल
भी
हो
ये
ज़रूरी
नहीं
योजनाएं
मगर
ढ़ेर
सारी
रखें
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Rahat Indori
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बहुत
दिन
से
तुम्हें
देखा
नहीं
है,
ये
आँखों
के
लिए
अच्छा
नहीं
है
Rahat Indori
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ये
ज़रूरी
है
कि
आँखों
का
भरम
क़ाएम
रहे
नींद
रक्खो
या
न
रक्खो
ख़्वाब
मेयारी
रखो
Rahat Indori
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