har ghadi har vaqt hi bazaar men rahna pada | हर घड़ी हर वक़्त ही बाज़ार में रहना पड़ा

  - Varun Gagneja Wahid
हरघड़ीहरवक़्तहीबाज़ारमेंरहनापड़ा
बेचनाथाख़ुदकोसोअख़बारमेंरहनापड़ा
एकहीतहरीरकोपानीपेलिक्खाबारबार
रहनाथाबसइसलिएसंसारमेंरहनापड़ा
ख़्वाहिशेंतोथींकिहमबुनियादकापत्थरबनें
हाएकैसाजुर्मथादीवारमेंरहनापड़ा
फिरकिसीसेदोस्तीउसनेमेरेबादकी
उम्रभरमुझकोभीफिरअग़्यारमेंरहनापड़ा
वोजोथाख़ुशबूकीमानिंदउड़नाजिसकाशौक़था
बेबसीदेखोउसेअश'आरमेंरहनापड़ा
हमतसव्वुरकरपाए'वाहिद'उसतस्वीरका
रातभरहमकोख़याल-ए-यारमेंरहनापड़ा
  - Varun Gagneja Wahid
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