kisi bhi rahnumaai ka koi daava nahin karte | किसी भी रहनुमाई का कोई दावा नहीं करते

  - Varun Gagneja Wahid
किसीभीरहनुमाईकाकोईदावानहींकरते
ग़ज़लकेपैरहनकोहममगरमैलानहींकरते
हमारीचाहतोंनेतोबड़ेइक़रारदेखेहैं
किसीइंकारपरहमदिलकभीछोटानहींकरते
सराबोंकीहक़ीक़तसेबहुतअच्छेसेवाक़िफ़हैं
कभीभीख़्वाबकाहमदिनमेंतोपीछानहींकरते
यहाँहरशयकीक़ीमतबसमोहब्बतहीमोहब्बतहै
फ़क़ीरोंसेकभीजज़्बातकासौदानहींकरते
मुसलसलहादसोंनेयेभीशफ़क़तछीनलीहमसे
कोईजबछोड़जाताहैतोहमसोचानहींकरते
कभीफिरहिजरतोंकाउनकेमनसेडरनिकलेगा
परिंदेसोरहेहोंजबशजरकाटानहींकरते
सजेबाज़ारमेंबिकजाएँयेलालचतोहै'वाहिद'
मगरइनआ'मकीख़ातिरसुख़नहल्कानहींकरते
  - Varun Gagneja Wahid
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