thehre jazbaat ke dariyaa ko ravaani de kar | ठहरे जज़्बात के दरिया को रवानी दे कर

  - Varun Gagneja Wahid
ठहरेजज़्बातकेदरियाकोरवानीदेकर
हमनेकिरदारबचायाहैकहानीदेकर
हदसेबढ़जाएतोहरचीज़बुरीहोतीहै
मैंनेइकफ़स्लजलाडालीहैपानीदेकर
इसनएलहजेसेदिलडूबनेलगताहैमिरा
तुमपुकारोमुझेआवाज़पुरानीदेकर
अबमुझेप्यासनिभानेकाहुनरआताहै
ख़ाकसहरामेंउड़ाईहैजवानीदेकर
मेरारबकरताहैएहसानमुसलसल'वाहिद'
शेर-दर-शेरमुझेमिस्रा-ए-सानीदेकर
  - Varun Gagneja Wahid
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy