raunaq-e-dil nikhaar kar rahiyeus ka gham hai sanwaar kar rakhiye | रौनक़-ए-दिल निखार कर रहिए

  - Varun Gagneja Wahid
रौनक़-ए-दिलनिखारकररहिए
उसकाग़महैसँवारकररखिए
चाहेछोटीहोइश्क़कीचादर
पाँवअपनेपसारकररखिए
आइएखुलकेबातकरतेहैं
पहलेचेहराउतारकररखिए
इसमेंख़ैरातपड़नेवालीहै
अपनाबर्तनसँवारकररखिए
जबतलकलौटकरआएवो
उसकोतबतकपुकारकररखिए
रूहवापसपलटनेवालीहै
जिस्मकोतारतारकररखिए
जीतजाओगेरहतीदुनियातकइश्क़मेंख़ुदकोहारकररखिए
  - Varun Gagneja Wahid
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