bujhti mohabbaton ka dhuaan failne laga | बुझती मोहब्बतों का धुआँ फैलने लगा

  - Uzma Naqvi
बुझतीमोहब्बतोंकाधुआँफैलनेलगा
आँखोंमेंकेअब्रकोईसोचनेलगा
जबख़ामुशीकाज़हरभीउसनेउड़ालिया
ख़्वाबोंमेंकेनागकोईबोलनेलगा
अबकेग़म-ए-हयातकानक़्शाअजीबहै
आँखोंमेंअश्ककेमुझेतोलनेलगा
येकिसकीआँखमुझपेबराबरलगीरही
येकौनआईनेमेंमुझेसोचनेलगा
लिखाथालौह-ए-दिलपेकिसीबे-वफ़ाकानाम
कतबाबनाकेकोईमुझेतोड़नेलगा
  - Uzma Naqvi
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