aankh ko manzar manzar rone vaala hai | आँख को मंज़र मंज़र रोने वाला है

  - Uzma Naqvi
आँखकोमंज़रमंज़ररोनेवालाहै
दिलकाशीशाफिरसेटूटनेवालाहै
पहलेचुपकोचुपकेसाथअदावतथी
अबयेमौसमख़ुदसेझड़नेवालाहै
एकमोहब्बतसेभीदिलघबराताहै
अबतोयेसन्नाटाबोलनेवालाहै
ख़ुशबूकीआज़ादीक़ादिरखुलताहै
कौनहवाकादामनखोलनेवालाहै
आनेवालीरातपेहीमौक़ूफ़नहीं
एकदियातोहाथपेजलनेवालाहै
दिलकीधड़कनमेंआसेब-पसंदीहै
कोईअपनेआपसेडरनेवालाहै
  - Uzma Naqvi
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