kis ne mohabbaton ko adavat men rakh diya | किस ने मोहब्बतों को अदावत में रख दिया

  - Uzma Naqvi
किसनेमोहब्बतोंकोअदावतमेंरखदिया
दिलकीबुझारतोंकोसफ़ारतमेंरखदिया
चेहरेकेसबनुक़ूशज़मानेकेसाथथे
इकदिलथासोतुम्हारीइबादतमेंरखदिया
अपनावजूदखोकेतुम्हेंपालियातोफिर
क्यूँअपनीचाहतोंकोनदामतमेंरखदिया
आँखेंगँवाकेपूरीतरहमुतमइनथी
इकसरबचाथावोभीमोहब्बतमेंरखदिया
येसर्दआगमेराबदनचाटतीरहे
मैंनेतोइश्क़दिलकीहरारतमेंरखदिया
रोनेकायेहुनरभीतेरेलिएकिया
तलवारकोभीतेरीहिमायतमेंरखदिया
  - Uzma Naqvi
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy