kar apni baat ki pyaare kisi ki baat se kya | कर अपनी बात कि प्यारे किसी की बात से क्या

  - Umar Ansari
करअपनीबातकिप्यारेकिसीकीबातसेक्या
लियाहैकामबतातूनेइसहयातसेक्या
यहाँतोजोभीहैराहीहैबंदगलियोंका
निकलकेदेखाहैकिसनेहिसार-ए-ज़ातसेक्या
थीबंदबंदबहुतगुफ़्तुगू-ए-यारमगर
खुलेहैंउक़्दा-ए-दिलउसकीबातबातसेक्या
वोचुपलगीहैकिहँसताहैऔररोताहै
येहोगयाहैख़ुदाजानेदिलकोरातसेक्या
येराज़-ए-दैर-ओ-हरमहैकिसीकोक्यामालूम
कहानियोंकोइलाक़ाहैवाक़िआतसेक्या
शिकस्तकातोकिसीकोजहाँगुमाँभीथा
निकलगएहैंवोमैदाँहमारेहातसेक्या
हैंरोज़-ए-अब्रकेमुश्ताक़-ए-दीदतोलाखों
लियाहैकिसनेमगरअब्रकेसिफ़ातसेक्या
हरइकतोअपनीग़रज़लेकेहमसेमिलताहै
उठाएँफ़ाएदाकिसकेतअल्लुक़ातसेक्या
कोईतोमक़्सद-ए-शेर-ओ-अदबभीहोगा'उमर'
होंजोकामकीऐसीनिगारशातसेक्या
  - Umar Ansari
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