ho ke us kooche se aayi to sitam dhaa gaii kya | हो के उस कूचे से आई तो सितम ढा गई क्या

  - Umar Ansari
होकेउसकूचेसेआईतोसितमढागईक्या
कुछसमझमेंनहींआताकिसबापागईक्या
येवहीमेरानगरहैतोमिरेयारयहाँ
एकबस्तीमिरेप्यारोंकीथीकामगईक्या
मेरीसरहदमेंग़नीमोंकागुज़रकैसेहुआ
थीसरोंकीवोजोदीवारखड़ीढागईक्या
यूँँतोकहनेकोबसइकमौजथीपानीकीमगर
देखनायेहैंकिपल-भरमेंग़ज़बढागईक्या
बादमुद्दतकेमिलाहैतोमिरेयारबता
तेरीआँखोंमेंजोइकबर्क़थीकजलागईक्या
अबकिसीबातमेंभीजीनहींलगतामेरा
दिलमेंबैठीथीजोख़्वाहिश-ए-दुनियागईक्या
तज़्किरेजिसकेकिताबोंमेंपढ़ाकरतेथे
देखभाईवोक़यामतकीघड़ीगईक्या
तेरेचेहरेपे'उमर'आजयेरौनक़कैसी
फिरतबीअतकोईमौज़ू-ए-सुख़नपागईक्या
  - Umar Ansari
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