lad jaate hain saroon pe machalti qaza se bhi | लड़ जाते हैं सरों पे मचलती क़ज़ा से भी

  - Umar Ansari
लड़जातेहैंसरोंपेमचलतीक़ज़ासेभी
डरतेनहींचराग़हमारेहवासेभी
बरसोंरहेहैंरक़्स-कुनाँजिसज़मीनपर
पहचानतीनहींहमेंआवाज़-ए-पासभी
अबइसकोइल्तिफ़ातकहूँमैंकिबे-रुख़ी
कुछकुछहैंमेहरबाँसेभीकुछकुछख़फ़ासेभी
छुपकररहसकेगावोहमसेकिउसकोहम
पहचानलेंगेउसकीकिसीइकअदासभी
दिलकाँपकाँपउठताहैअज़्म-ए-गुनाहपर
मिलजातीहैसज़ाहमेंपहलेख़तासेभी
अक्सरहुआहैयेकिख़ुदअपनीतलाशमें
आगेनिकलगएहैंहद-ए-मा-सिवासेभी
  - Umar Ansari
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy