baahar baahar sannaata hai andar andar shor bahut | बाहर बाहर सन्नाटा है अंदर अंदर शोर बहुत

  - Umar Ansari
बाहरबाहरसन्नाटाहैअंदरअंदरशोरबहुत
दिलकीघनीबस्तीमेंयारोआनबसेहैंचोरबहुत
यादअबउसकीसकेगीसोचकेयेबैठेथेकिबस
खुलगएदिलकेसारेदरीचेथाजोहवाकाज़ोरबहुत
मौजेंहीपतवारबनेंगीतूफ़ाँपारलगाएगा
दरियाकेहैंबसदोसाहिलकश्तीकेहैंछोरबहुत
मैंभीअपनीझोंकमेंथाकुछवोभीअपनेज़ोममेंथा
होतीभीहैकुछमिरेयारोप्यारकीकुछडोरबहुत
फ़स्ल-ए-ख़िज़ाँतोसहलीलेकिनमौसम-ए-गुलमेंटूटगिरी
बोझफलोंकासहनहींपाईशाख़किथीकमज़ोरबहुत
दिलसेउठातूफ़ानयेकैसासारेमंज़रडूबगए
वर्नाअभीतोइसजंगलमेंनाचरहेथेमोरबहुत
बरसोंबादमिलाहैमौक़ाआओलगालेंकश्तीपार
आजतोयारोसन्नाटाहैदरियाकेउसओरबहुत
आजयक़ीननमेंहबरसेगाआजगिरेगीबर्क़ज़रूर
अँखियाँभीपुर-शोरबहुतहैंकजराभीघनघोरबहुत
किससेकिसकासाथीछूटाकिसका'उमर'क्याहालहुआ
पर्बतपर्बतवादीवादीरातमचाथाशोरबहुत
  - Umar Ansari
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