ek taarikh mukarrar pe to har maah mile | एक तारीख़ मुक़र्रर पे तो हर माह मिले

  - Umair Najmi
एकतारीख़मुक़र्ररपेतोहरमाहमिले
जैसेदफ़्तरमेंकिसीशख़्सकोतनख़्वाहमिले
रंगउखड़जाएतोज़ाहिरहोप्लस्तरकीनमी
क़हक़हाखोदकेदेखोतोतुम्हेंआहमिले
जम्अ'''थेरातमिरेघरतिरेठुकराएहुए
एकदरगाहपेसबराँदा-ए-दरगाहमिले
मैंतोइकआमसिपाहीथाहिफ़ाज़तकेलिए
शाह-ज़ादीयेतिराहक़थातुझेशाहमिले
एकउदासीकेजज़ीरेपेहूँअश्कोंमेंघिरा
मैंनिकलजाऊँअगरख़ुश्कगुज़रगाहमिले
इकमुलाक़ातकेटलनेकीख़बरऐसेलगी
जैसेमज़दूरकोहड़तालकीअफ़्वाहमिले
घरपहुँचनेकीजल्दीतमन्नाहैकोई
जिसनेमिलनाहोमुझेआएसर-ए-राहमिले
  - Umair Najmi
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