jhuk ke chaltaa hooñ ki qad uske barabar na lage | झुक के चलता हूँ कि क़द उसके बराबर न लगे

  - Umair Najmi
झुककेचलताहूँकिक़दउसकेबराबरलगे
दूसरायेकिउसेराहमेंठोकरलगे
येतेरेसाथतअ'ल्लुक़काबड़ाफ़ाइदाहै
आदमीहोभीतोऔक़ातसेबाहरलगे
नीमतारीकसामाहौलहैदरकारमुझे
ऐसामाहौलजहाँआँखलगेडरलगे
माँओंनेचूमनाहोतेहैंबुरीदासरभी
उससेकहनाकिकोईज़ख़्मजबींपरलगे
येतलबगारनिगाहोंकेतक़ाज़ेहरसू
कोईतोऐसीजगहहोजोमुझेघरलगे
येजोआईनाहैदेखूँतोख़लादिखताहै
इसजगहकुछभीलगवाऊँतोबेहतरलगे
तुमनेछोड़ातोकिसीऔरसेटकराऊँगामैं
कैसेमुमकिनहैकिअंधेकाकहींसरलगे
  - Umair Najmi
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