shuoor-e-tishnagi ko aam kar do | शुऊ'र-ए-तिश्नगी को आम कर दो

  - Taj Bhopali
शुऊ'र-ए-तिश्नगीकोआमकरदो
मैंकबकहताहूँमेराजामभरदो
ज़र-ए-गुलबाँटदोअहल-ए-चमनमें
हरएकसहराहमारेनामकरदो
मैंयूसुफ़तुमकोईज़ुलेख़ा
जहाँचाहोमुझेनीलामकरदो
वोमेरेसामनेबैठेहुएहैं
हरीम-ए-हुस्नकेनाकामपरदो
तुमइतनाहुस्नआख़िरक्याकरोगे
अरेकुछतोख़ुदाकेनामपरदो
  - Taj Bhopali
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