har dard se baandhe hue rishta koi guzre | हर दर्द से बाँधे हुए रिश्ता कोई गुज़रे

  - Taj Bhopali
हरदर्दसेबाँधेहुएरिश्ताकोईगुज़रे
क़ातिलकोईगुज़रेमसीहाकोईगुज़रे
आईनाब-हर-राह-गुज़रबनगईंआँखें
इकउम्रसेबैठेहैंकितुमसाकोईगुज़रे
वोतिश्नगी-ए-जाँहैकिसहराकोतरसआए
अबहोंटोंकोछूताहुआदरियाकोईगुज़रे
उनसेभीइलाज-ए-ग़मपिन्हाँनहींहोगा
कहदेंजोअगरउनकाशनासाकोईगुज़रे
  - Taj Bhopali
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