ghar men tire paighaam ko tarsen | घर में तिरे पैग़ाम को तरसें

  - Taj Bhopali
घरमेंतिरेपैग़ामकोतरसें
बाहरजल्वा-ए-बामकोतरसें
तुमसूरजऔरचाँदसेखेलो
हमकिचराग़-ए-शामकोतरसें
तुमकिशिकस्त-ए-जामकेआदी
हमकिशिकस्ताजामकोतरसें
औरअभीकुछरातहैबाक़ी
औरअभीआरामकोतरसें
आजहज़ारोंकामहैंबाक़ी
फिरभीहज़ारोंकामकोतरसें
आज़ादीकेऊँचेसूरज
गलियाँतेरेनामकोतरसें
  - Taj Bhopali
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