hamaare shahar men ghar is li.e sunsaan rahte hain | हमारे शहर में घर इस लिए सुनसान रहते हैं

  - Tahir Saood Kiratpuri
हमारेशहरमेंघरइसलिएसुनसानरहतेहैं
किघरघरख़ौफ़सेसह
मेंहुएइंसानरहतेहैं
अगरतुमइश्क़कीमस्जिदमेंजानाठानहीबैठे
तोबर-ख़ुरदारसीखोउसकेक्याअरकानरहतेहैं
मुझेमालिकमिरेबच्चोंकेहरग़मसेबचालेना
लब-ए-दिलपरवहीबनकरमिरेमुस्कानरहतेहैं
मुझेकोईदिखाकरख़्वाबमेंमेरानगरबोला
यहाँला-हौलविर्द-ए-ख़ासरखशैतानरहतेहैं
मोहब्बतवोमुक़द्दसचीज़हैसुनदिल-ए-नादाँ
वोमिलजाएतोराहतकेबड़ेइम्कानरहतेहैं
वहीदिलमो'तबरमुफ़्तीहैअहल-ए-दींकीदुनियामें
किजिसमेंज़मानेमुत्तक़ीअरमानरहतेहैं
मिरीबस्तीपेहरगिज़क़हरबरपाहोनहींसकता
मिरीबस्तीमेंघरघरसाहिब-ए-ईमानरहतेहैं
मियाँशोहरतभीअक्सरआदमीपेज़ुल्मढातीहै
वहीअच्छेहैंदुनियामेंजोकमपहचानरहतेहैं
यहाँहरबातआँखोंकेइशारेसेकरो'ताहिर'
लगेदीवारसेहरवक़्तकितनेकानरहतेहैं
  - Tahir Saood Kiratpuri
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