dhoop ke samundar men | धूप के समुंदर में

  - Tahir Hanfi
धूपकेसमुंदरमें
बर्फ़कीसलीबोंपर
ख़्वाहिशोंकेतिनकोंसे
एकलफ़्ज़लिक्खाहै
लफ़्ज़जोअमानतहै
रौशनीकीसुब्होंकी
दर्दकेरफ़ीक़ोंकी
फूलफूलशाख़ोंकी
ज़र्दज़र्दशामोंकी
ना-शनासनामोंकी
लफ़्ज़जोसदाक़तहै
अन-कहेसवालोंकी
जागतेख़यालोंकी
रेंगतेउजालोंकी
किसतरहसमेटेगा
मेरीतेरीनस्लोंको
ख़्वाबकेजज़ीरोंमें
आनेवालेलम्होंमें
लफ़्ज़जोदियानतहै
लफ़्ज़जोइबादतहै
  - Tahir Hanfi
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